Neeraj Agarwal

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लेखनी कहानी -27-Dec-2023

  शीर्षक  - हद-बेहद            
                       हम सब जानते हैं जीवन में कुछ न कुछ काम और सोच हद बेहद होती है क्योंकि हम किसी भी सोच के साथ कोई काम करते हैं तो उसकी कोई सीमा और सहयोग होता है इसलिए हम सभी एक जीवन में सोच रखते हैं कि न कोई चीज या वस्तु की अति या ज्यादा न हो।
          ऐसे ही एक कहानी के मोड़ पर हम हम ले चलते हैं ले चलते हैं जिससे आपको और मोहब्बत के इश्क का असर हद बेहद भी हो जाता है जिससे हम जीवन में सच इश्क और मोहब्बत का जुनून समझते हैं रागिनी और सरिता दोनों कॉलेज में एक हॉस्टल की रूम मेट थीं। सरिता चटपटी और खूबसूरत लड़की थी और वही रागिनी शांत और सौम्य स्वभाव की लड़की थी दोनों सहेलियां थी परंतु दोनों के विचार बहुत अलग-अलग थे जहां सरिता चटपटी और चंचल स्वभाव की थी वहीं रागिनी शांत और अच्छे स्वभाव की थी परंतु दोनों में बहस हद बेहद होती थी और दोनों एक दूसरे से बात-बात में शर्त लगाती थी परंतु रागनी शांत स्वभाव के कारण उसकी हर शर्त को हार जाती थी।
      सरिता अपनी आदत के अनुसार हमेशा किसी न किसी के साथ हद बेहद शर्त लगा ली थी परंतु रागिनी उसे इस बात के लिए मना करती थी तो कभी ऐसी शर्त लगाने के चक्कर में कहीं फंदा जाए परंतु सरिता कहां मानने वाली थी हमेशा उल्टी सीधी कम करती रहती थी और एक दिन अचानक से कॉलेज में एक सिंपल आदमी आता है साधारण आदमी आता है और वह कॉलेज के प्रिंसिपल का ऑफिस पूछता है तब सरिता उसे अपनी आदत के अनुसार वह कॉलेज की टॉयलेट का पता बता देती है और वह आदमी प्रिंसिपल की ऑफिस की बजाय कॉलेज की टॉयलेट पहुंच जाता है वहां कुछ लड़कियां टॉयलेट के अंदर होती है और वह आदमी नौकर के मे आई कमिंग बोलता है तो सब हंसती हुई लड़की बाहर आती है और कहती है आप यहां क्या कर रहे हैं और वह लड़कियां कहती है अपने ऊपर नहीं पड़ा यह लड़कियों का टॉयलेट है और वह आदमी ऊपर पड़ता है जब लड़कियों को टॉयलेट लिखा हो देखकर मैं हद बेहद शर्मिंदा होता है और माफी मांग कर रहे फिर उन्हीं लड़कियों से पूछता है कि मैं तो किसी लड़की से कॉलेज के प्रिंसिपल का रूम पूछा था उसने मुझे यहां का पता बता दिया तब लड़कियां वह कहती हैं आप उसकी कंप्लेंट जरूर करना प्रिंसिपल सर से हम आपको प्रिंसिपल के रूम तक बता देते हैं ऑफिस बता देते हैं हॉस्टल का वार्डन होता है और वह अपने नियम के अनुसार अपनी नियुक्ति का पत्र लेकर कॉलेज में लड़कियों की हॉस्टल का वार्डन बन जाता है।
            बन जाता है उसका नाम राजीव होता है और राजीव को लड़कियों की हॉस्टल का वर्णन नियुक्त कर दिया था जब राजीव अपने हॉस्टल में पहुंचता है अपने रूम में सामान रखकर लड़कियों के हॉस्टल निरीक्षण करने के लिए सभी लड़कियों को ग्राउंड में आने के लिए कहता है।  सरिता और रागिनी भी आती है और निरीक्षण के बाद मैं सरिता और रागिनी को रोकने के लिए कहता है बाकी सब लड़कियों को जाने के लिए कहता है और हॉस्टल का गार्डन राजीव रागिनी को भी जाने के लिए कहता है केवल सरिता को अकेले खड़े रहने के लिए कहता है और जब सरिता अकेली खड़ी होती है तब राजीव गार्डन उसके पास आता है और उससे कहता है आपने तो हद बेहद कर दी किसी को पता ऐसे बताते हैं क्या तब सरिता कुछ डर और सहम जाती है। क्यों मानती है और सरिता अपनी गलती की क्षमा मांगती है और कहती है अब भविष्य में वैसा नहीं करेग परंतु हॉस्टल वार्डन राजीव उसे ग्राउंड की दो चक्कर लगाने की सजा देता है और सरिता चक्कर लगाकर अपने रूम में चली जाती है और रागिनी से कहती है यह वर्णन तो हद बेहद सख्त और बदतमीज लगता है।
            रागिनी शांत रहती है और सरिता से कहती है सरिता अब तुम बड़ी हो चुकी हो ऐसी गलतियां आए शरारत करना छोड़ दो और अब हम स्कूल में नहीं कॉलेज में पढ़ते हैं और ऐसी गलती करने से कोई फायदा नहीं है इस बात पर सरिता को भी थोड़ा अफसोस होता है और वह अपनी गलती को समझ कर रागिनी से आगे भविष्य में  शरारत न करने का वादा करती है।
          रागनी सरिता को समझती है कि तेरी शरारत की वजह से अगर कोई अजनबी लड़कियों की टॉयलेट में पहुंच जाता और वहां कोई गलत बात हो जाती तब तुम उसे समय क्या करते हैं यह बात सोच कर देखो सरिता तुम्हें एहसास होगा कि गलती की भी हद बेहद सजा हो सकती है अब सरिता अपने मन भागों में सुधारने का फैसला ले चुकी होती है और रागिनी उसकी आंखों में जो आंसू देखी है तो वह उसे अपने गले लगा लेती है और रागिनी भी अब समझ चुकी होती है कि सरिता को अपनी गलती का एहसास हो चुका है और दोनों हाथ पकड़ कर खाना खाने के लिए हॉस्टल के मैस में चली जाती है।

नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

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4 Comments

Reyaan

28-Dec-2023 08:29 PM

Nice one

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Gunjan Kamal

28-Dec-2023 03:26 PM

👌👏👍

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Mohammed urooj khan

28-Dec-2023 11:20 AM

👌🏾👌🏾👌🏾

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